नई दिल्ली, 9 सितंबर: दिल्ली के मुख्यमंत्री सचिवालय में मंगलवार दोपहर एक ईमेल के माध्यम से बम विस्फोट की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। ईमेल में दावा করা गया था कि दोपहर 3:30 बजे विस्फोट हो सकता है। तुरंत ही बम निरोधक दस्ता सचिवालय पहुंचा और पूरे परिसर में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। इसी तरह की धमकी मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएएमसी) को भी फोन के माध्यम से दी गई।
दिल्ली पुलिस ने प्रारंभিক जांचের आधार पर ধারণা প্রকাশ किया है कि यह धमकी पहले की कई फर्जी धमकियों से मेल খায়। साइबर सेल ने ईमेल की स्रोत শনाख्त करने का काम शुरू कर दिया है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि खतरे को हल्के में न लेते हुए सभी जरूरी एहतियात बरती जा रही हैं।
पुलिस ने जानकारी दी कि जैसे ही मुख्यमंत्री सचिवालय को बम की धमकी वाला ईमेल प्राप्त हुआ, वैसे ही मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत त्वरित सुरक्षा उपाय लागू किए गए। बम स्क्वाड और खोजी दल सचिवालय और एमएएएमसी— दोनों जगहों पर जांच में जुट गए।
घटनास्थलों पर सेंट्रल जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, कमला मार्केट के एसीपी और आईपी एस्टेट थाने के एसएचओ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में ट्रैफिक पुलिस का अतिरिक्त अधिकारी भी निगरानी में लगा रहा। दोनों ही जगहों पर प्रवेश और निकास मार्गों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (सेंट्रल) निधिन वलसन ने एक बयान में कहा, “मुख्यमंत्री सचिवालय और एमएएएमसी दोनों जगहों पर तलाशी अभियान चल रहा है। अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। जनता से अपील है कि वे घबराएं नहीं। सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि साइबर पुलिस की एक विशेष टीम ईमेल के स्रोत और उसकी प्रमाणिकता की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह धमकी संभवतः किसी अन्य राज्य को भेजे गए संदेश से जुड़ी हो सकती है, लेकिन फिर भी पुलिस इसे गंभीरता से ले रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों इलाकों में स्निफर डॉग्स और तकनीकी टीम की मदद से व्यापक तलाशी अभियान चल रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, ट्रैफिक पुलिस और स्पेशल सेल भी इस जांच में सहयोग कर रही है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली और आसपास के कई स्कूलों व शिक्षण संस्थानों में फर्जी बम धमकियों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस कारण प्रशासन अब किसी भी अलर्ट को नजरअंदाज नहीं कर रहा और हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।
