नई दिल्ली, 04 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने जामा मस्जिद के आसपास अतिक्रमण रोकने का आदेश दिया है। कार्यकारी चीफ जस्टिस विपिन सांघी की अध्यक्षता वाली बेंच ने आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई), दिल्ली पुलिस और नगर निगम को नोटिस जारी कर 14 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सिविलियन वेलफेयर चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन मोहम्मद कामरान ने दाखिल याचिका में कहा है कि जामा मस्जिद के चारों ओर अनधिकृत निर्माण कार्य और अतिक्रमण किया जा रहा है। ये अतिक्रमण बेतरतीब तरीके से किया जा रहा है। इसकी वजह से इलाके में वायु प्रदूषण की समस्या हो रही है। याचिका में कहा गया है कि एंशियेंट मानुमेंट एंड आर्कियोलॉजिकल साईट्स एंड रिमेंस एक्ट के तहत पुराने और पुरातात्विक महत्व की इमारतों के अलावा उसके आसपास के तीन सौ मीटर के इलाकों के संरक्षण का प्रावधान है।
इस एक्ट के तहत पुरातात्विक महत्व की इमारतों के सौ मीटर के दायर में कोई अनधिकृत निर्माण नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद जामा मस्जिद के आसपास धड़ल्ले से अनधिकृत निर्माण किए जा रहे हैं। इन अनधिकृत निर्माणों को लेकर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज, उत्तरी दिल्ली नगर निगम और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
