Dr. Neerja Madhav : डॉ. नीरजा माधव को मिलेगा इस वर्ष का डॉ. हेडगेवार प्रज्ञा सम्मान

कोलकाता, 3 मार्च (हि.स.)। कोलकाता महानगर की सुप्रसिद्ध साहित्यिक, सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था श्री बड़ाबाजार कुमारसभा पुस्तकालय 23वें ‘डॉ. हेडगेवार प्रज्ञा सम्मान’ प्रख्यात राष्ट्रवादी कवियत्री डॉ. नीरजा माधव (वाराणसी) को देगी। यह पुरस्कार उनके राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय अनछुए पहलुओं पर उनके लेखन के लिए आगामी शनिवार 26 मार्च को स्थानीय रथीन्द्र मंच पर आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया जायेगा। सम्मान स्वरूप उन्हें एक लाख रुपये की राशि एवं मानपत्र भेंट किया जायेगा। यह जानकारी पुस्तकालय के मंत्री महावीर प्रसाद बजाज ने दी है।

राष्ट्रवादी कवियत्री डॉ. नीरजा माधव का जन्म 15 मार्च 1962 को उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले के कोतवालपुर में हुआ। पिता मथुरा प्रसाद तथा माता विमला देवी के प्रखर राष्ट्रवादी परिवार में पालित पोषित डॉ. नीरजा ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में एमए एवं पीएचडी की उपाधि ग्रहण की। वह वर्तमान में ऑल इंडिया रेडियो, गोरखपुर में सहायक निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। 27 वर्ष की आयु में आपकी प्रथम काव्य पुस्तक “प्रथम छंद से स्वप्न” प्रकाशित हुई। इनके लेखन में भारतीय दर्शन, धर्म और मूल्यों की एक नवीन दृष्टि मिलती है। अपनी चार काव्य, नौ कहानी संग्रह, 11 ललित निबंध तथा 12 उपन्यास यानी कुल 36 मौलिक पुस्तकों के लेखन से साहित्य के भण्डार को समृद्ध किया है। डाॅ नीरजा को सर्जना पुरस्कार, यशपाल पुरस्कार, मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी पुरस्कार, शंकराचार्य पुरस्कार, राष्ट्रधर्म गौरव सम्मान आदि अनेक सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है।

बजाज ने बताया कि इससे पूर्व डॉ. विद्यानिवास मिश्र, डॉ. एसएल भैरप्पा, डॉ. नरेन्द्र कोहली, डॉ. कृष्ण बिहारी मिश्र, डॉ. कमल किशोर गोयनका तथा डॉ. शिव ओम अम्बर को इस सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1990 में कुमारसभा ने प्रवर्तित डॉ हेडगेवार प्रज्ञा सम्मान का पहला सम्मान संस्कृत के मूर्धन्य विद्वान एवं चिंतक डॉ. श्रीधर भास्कर वर्णेकर को तथा गत वर्ष 2020 का सम्मान सुपर कंप्यूटर के विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. विजय भटकर (पुणे) को प्रदान किया गया था।