राष्ट्र विरोधी किसी भी मंसूबे को सफल नहीं होने देगी मोदी सरकारः भाजपा

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्षी दलों और विभिन्न आंदोलनों से जुड़े समूहों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ ताकतें भारत की प्रगति रोकने, समाज में विभाजन पैदा करने और भारतीय संस्कृति एवं धर्म के प्रति नफरत फैलाने के एजेंडे पर काम कर रही हैं। पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार राष्ट्र के खिलाफ ऐसे किसी भी मंसूबे को सफल नहीं होने देगी।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि विजयादशमी के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश को ऐसी ताकतों के प्रति आगाह किया था। उनके मुताबिक इन ताकतों के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं- सत्ता का इस्तेमाल निजी लाभ और लूट के लिए करना, समाज में आपसी मतभेद पैदा करना तथा भारतीय संस्कृति और धर्म के प्रति नफरत फैलाना।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समूह सनातन धर्म को समाप्त करने और हिंदुत्व को खत्म करने के अभियान चलाते हैं। साथ ही भारतीय संस्थानों को लेकर भ्रामक नैरेटिव फैलाकर देश की प्रगति में बाधा डालने का प्रयास करते हैं।

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि इन समूहों की मांगें लगातार बदलती रहती हैं। कभी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को लेकर सवाल उठाए जाते हैं, तो कभी टीकों, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और मतदाता सूचियों पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मांग के बाद दूसरी मांग सामने आ जाती है।

उन्होंने इसकी तुलना रामायण में रावण के दस सिरों से करते हुए कहा कि एक सिर कटने पर दूसरा सामने आ जाता था। उनके अनुसार अलग-अलग आंदोलनों में बार-बार एक जैसी शब्दावली का इस्तेमाल उनके पीछे किसी साझा उद्देश्य की ओर संकेत करता है।

डॉ. त्रिवेदी ने विदेश यात्राओं के बाद दिए जाने वाले कुछ राजनीतिक बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी विदेश से लौटने के बाद ‘हाइड्रोजन बम’ फोड़ने की बात कही जाती है, तो कभी ‘सुनामी’ आने का दावा किया जाता है। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत के बयानों को भी इसी सिलसिले से जोड़कर देखा। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे बयानों के पीछे अज्ञात और संदिग्ध ताकतें हो सकती हैं, जो सीमा पार से भारत में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रही हैं।

रामायण का उदाहरण देते हुए भाजपा प्रवक्ता त्रिवेदी ने कहा कि रावण माता सीता का हरण करने के लिए साधु का वेश धारण करके आया था। इसी तरह उनके आरोप के अनुसार कुछ ताकतें अलग-अलग रूपों में अपने वास्तविक उद्देश्यों को छिपाकर काम कर रही हैं। भाजपा सांसद ने दावा किया कि इनका उद्देश्य केवल सार्वजनिक रूप से उठाए जाने वाले मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंसक संघर्ष और सुनियोजित साजिश के जरिए सत्ता परिवर्तन यानी ‘रेजीम चेंज’ कराना है। उन्होंने कहा कि देश के लोगों को ऐसे कथित प्रयासों के पीछे के वास्तविक उद्देश्यों को समझने की जरूरत है।

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