अगरतला, 16 अक्टूबर: शारदीय दुर्गोत्सव के दौरान अगरतला शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के पूजा पंडालों में दर्शन कराने के लिए पश्चिम त्रिपुरा जिला प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक शहर की कई प्रमुख सड़कों और बड़े पूजा पंडालों के आसपास वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 1 बजे तक निर्धारित क्षेत्रों में सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन बंद रहेगा। हालांकि, भीड़ की स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर रात 1 बजे के बाद भी कुछ क्षेत्रों में प्रतिबंध जारी रखा जा सकता है।
ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक के 12 अक्टूबर के प्रस्ताव के आधार पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 116 और 117 तथा त्रिपुरा मोटर वाहन नियम, 1991 के नियम 105 के तहत यह व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर अगरतला शहर की 17 प्रमुख सड़कों और क्षेत्रों को नो-एंट्री जोन के रूप में चिह्नित किया है। निर्धारित समय के दौरान इन मार्गों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।
ये 17 क्षेत्र होंगे नो-एंट्री जोन
प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नो-एंट्री जोन में नॉर्थ गेट से राधानगर, सर्किट हाउस होते हुए नेहरू पार्क तक दोनों दिशाओं की सड़कें शामिल हैं। हालांकि, वैध पास वाले वाहन नॉर्थ गेट से सर्किट हाउस की ओर एकतरफा चल सकेंगे। आपातकालीन वाहनों को दोनों दिशाओं में आवाजाही की अनुमति रहेगी।
इसके अलावा वोल्कन क्लब से भगवान ठाकुर चौमुहनी, बोधजंग चौमुहनी होते हुए नॉर्थ गेट तक का मार्ग; भगवान ठाकुर चौमुहनी से लालबहादुर चौमुहनी होते हुए गणराज चौमुहनी पेट्रोल पंप तक दोनों दिशाओं की सड़कें; चंद्रपुर से इंद्रनगर पुल होते हुए अभयनगर के सचिन सेतु तक का बांध मार्ग; इंद्रनगर पुल के उत्तरी हिस्से से धलेश्वर जेल रोड तक का मार्ग भी प्रतिबंधित रहेगा।
प्रांतिक क्लब से ओल्ड सेंट्रल जेल क्रॉसिंग और ओल्ड सेंट्रल जेल के पश्चिमी छोर पर बापिराज फर्नीचर के पास से लालबहादुर तक दोनों दिशाओं की सड़कें; आश्रम चौमुहनी से कल्याणी क्रॉसिंग, जयगुरु क्रॉसिंग होते हुए पुराने मोटरस्टैंड मैदान चौमुहनी तक का मार्ग; पोस्ट ऑफिस गांधीघाट से ग्रैंडियोज चौमुहनी, गोल बाजार और लालमाइतिया तक की सड़कें भी नो-एंट्री के दायरे में रहेंगी। इसमें चात्रबंधु ग्रैंडियोज और नेताजी प्ले सेंटर के आसपास की सड़कें भी शामिल हैं।
इसी तरह, कामान चौमुहनी से शिवबाड़ी और सेंट्रल रोड होते हुए गोल बाजार स्थित नेताजी की प्रतिमा तक दोनों दिशाओं की सड़कें; मोटरस्टैंड से चित्तरंजन रोड होते हुए रामठाकुर संघ तक का मार्ग; रामठाकुर संघ से सुधीर दारोगाबाड़ी रोड क्रॉसिंग तक की सड़क; चित्तरंजन रोड से चित्तरंजन क्लब तक दोनों दिशाओं की सड़कें प्रतिबंधित रहेंगी।
संहति क्लब के पास रामनगर रोड नंबर 4 से रोड नंबर 6 तक दोनों दिशाओं की सड़कें, बटतला से दशमीघाट तक का मार्ग, जयनगर बस स्टैंड से युवासमाज के दूसरे क्रॉसिंग तक दोनों दिशाओं की सड़कें, पैराडाइज चौमुहनी से मेलारमठ होते हुए बटतला तक का मार्ग तथा फ्लाईओवर भी इस व्यवस्था के अंतर्गत आएंगे।
इन क्षेत्रों में यातायात प्रतिबंध लागू करने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर नो-एंट्री गेट और ड्रॉप गेट लगाए जाएंगे। भीड़ की स्थिति के अनुसार ट्रैफिक पुलिस प्रतिबंध की अवधि बढ़ा सकती है।
बसों और अन्य वाहनों के लिए निर्धारित टर्मिनल
अधिसूचना के अनुसार, 17 से 21 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक बसों, मिनी बसों, जीपों और हल्के मोटर वाहनों को निर्धारित टर्मिनल प्वाइंट पर रखा जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ टर्मिनलों पर रिक्शा और ऑटो रिक्शा उपलब्ध रहेंगे। आपातकालीन वाहनों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
इसके अलावा, अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों को हटाने के लिए शाम 4 बजकर 15 मिनट से अगरतला शहर के विभिन्न क्षेत्रों में क्रेन का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रशासन ने वाहन चालकों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने की अपील की है।
मरीजों और हवाई तथा रेल यात्रियों के लिए विशेष मार्ग
आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और हवाई अड्डे तथा रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने विशेष मार्ग निर्धारित किए हैं।
हापनिया स्थित टीएमसी से आईजीएम, जीबीपी अस्पताल और आईएलएस अस्पताल जाने के लिए निर्धारित मार्ग हापनिया, बाधारघाट, एडी नगर, फ्लाईओवर, आईजीएम चौमुहनी, टीआरटीसी क्रॉसिंग, बीके चौमुहनी, कर्नल चौमुहनी, हरधन संघ, नॉर्थ गेट, राधानगर और मूर्तिप्रांगण होते हुए जीबीपी अस्पताल या आईएलएस अस्पताल तक रहेगा।
जीबीपी या आईएलएस अस्पताल से आईजीएम और हापनिया स्थित टीएमसी जाने के लिए विपरीत दिशा में निर्धारित मार्ग का उपयोग किया जा सकेगा। इस मार्ग में मूर्तिप्रांगण, राधानगर, नॉर्थ गेट, हरधन संघ, कर्नल चौमुहनी, बीके चौमुहनी, आरएमएस चौमुहनी, आईजीएम चौमुहनी, फ्लाईओवर, एडी नगर और बाधारघाट शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, आईएलएस या जीबीपी अस्पताल से अभयनगर रोड, भगवान ठाकुर चौमुहनी, बोधजंग चौमुहनी, विमेंस कॉलेज, लायंस गेट, ओरिएंट चौमुहनी, आरएमएस चौमुहनी, आईजीएम चौमुहनी और फ्लाईओवर होते हुए एडी नगर तथा बाधारघाट के रास्ते हापनिया पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किया गया है।
हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को अपने पास वैध हवाई टिकट या बोर्डिंग पास रखने की सलाह दी गई है। उन्हें अपने वाहनों पर ‘एयरपोर्ट एंड रेलवे पैसेंजर्स’ का स्टिकर लगाने को भी कहा गया है। अधिसूचना के अनुसार, हवाई अड्डे या रेलवे स्टेशन जाने तथा वहां से अपने गंतव्य तक लौटने के लिए ये यात्री किसी भी सड़क का इस्तेमाल कर सकेंगे।
यातायात संबंधी सहायता के लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम का व्हाट्सऐप और फोन नंबर 9402-303-100 जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जमीनी परिस्थितियों को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस किसी भी समय इन व्यवस्थाओं में बदलाव कर सकती है, उन्हें स्थगित कर सकती है या वापस ले सकती है।
राज्य में 3,047 दुर्गा पूजा आयोजन, 181 पुलिस सहायता बूथों की व्यवस्था
इस बीच, दुर्गा पूजा के दौरान पूरे त्रिपुरा में सुरक्षा और आम लोगों की सहायता के लिए कुल 181 पुलिस सहायता बूथ स्थापित करने की योजना बनाई गई है। राज्य के आठ जिलों में वर्ष 2026 में कुल 3,047 दुर्गा पूजा आयोजनों का आंकड़ा दिया गया है, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 2,997 थी। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 50 अधिक पूजा आयोजन दर्ज किए गए हैं।
जिलावार आंकड़ों के अनुसार, उत्तर त्रिपुरा में 16 पुलिस सहायता बूथों के साथ 271 पूजा आयोजनों का उल्लेख है। उनाकोटी में 18 सहायता बूथ और 221 पूजा आयोजन, धलाई में 30 बूथ और 268 पूजा आयोजन, खोवाई में 19 बूथ और 408 पूजा आयोजन, पश्चिम त्रिपुरा में 40 बूथ और 775 पूजा आयोजन, सिपाहीजला में 27 बूथ और 436 पूजा आयोजन, गोमती में 13 बूथ और 363 पूजा आयोजन तथा दक्षिण त्रिपुरा में 18 बूथ और 305 पूजा आयोजनों का आंकड़ा दिया गया है।
राज्य में सबसे अधिक 775 पूजा आयोजन पश्चिम त्रिपुरा जिले में होने का अनुमान है। इसके बाद सिपाहीजला में 436 और खोवाई में 408 पूजा आयोजन निर्धारित हैं।
पुलिस सहायता बूथों के माध्यम से पूजा के दौरान आम लोगों को मदद उपलब्ध कराने, पुलिस से संपर्क आसान बनाने और भीड़ नियंत्रण में सहायता मिलने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन ने लोगों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे पूजा के दिनों में यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें, निर्धारित स्थानों पर ही वाहन पार्क करें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करते हुए उत्सव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग करें।
