अगरतला, 13 अक्टूबर: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने मंगलवार को कहा कि वह टिपरासा समझौते के क्रियान्वयन का मुद्दा जल्द से जल्द केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वह भी चिंतित हैं और केंद्र के साथ बातचीत कर समझौते के प्रावधानों को लागू करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री से टिपरासा समझौते के क्रियान्वयन की समयसीमा को लेकर सवाल पूछा गया। उल्लेखनीय है कि ग्राम समिति (वीसी) चुनावों के लिए भाजपा और टिपरा मोथा पार्टी के बीच गठबंधन से पहले इस समझौते को लागू करने का मुद्दा चर्चा में था।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया था कि ग्राम समिति चुनाव संपन्न होने के एक महीने के भीतर समझौते को लागू किया जाएगा। चुनाव संपन्न होने के बाद अब इस आश्वासन को पूरा करने की दिशा में हुई प्रगति और समयसीमा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इस पर मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने कहा, “जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, मैं भी इस मामले को लेकर चिंतित हूं। मैं जल्द से जल्द केंद्रीय नेतृत्व से बात करूंगा और इसमें कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।”
समझौते के विभिन्न प्रावधानों को लागू करने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कुछ भी संभव और उचित होगा, उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा, “समझौते के सभी प्रावधानों के संबंध में जो कुछ भी संभव है, हम उचित तरीके से उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे।”
हालांकि, मुख्यमंत्री ने समझौते के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू होने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की। उनके बयान से संकेत मिला कि वह इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ चर्चा करने की पहल करेंगे।
गौरतलब है कि टिपरासा समझौता त्रिपुरा की जनजातीय राजनीति का एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। टिपरासा समुदाय की आकांक्षाओं और विभिन्न मांगों से जुड़े इस समझौते के प्रावधानों को लागू किए जाने की उम्मीद लंबे समय से की जा रही है। मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद अब राज्य और केंद्र सरकार की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदमों पर सबकी नजर रहेगी।
