प्रधानमंत्री स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी में उत्तराखंड के 27 स्मृति चिह्न भी शामिल

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री स्मृति चिह्नों की आठवें संस्करण की ई-नीलामी में उत्तराखंड के पवित्र तीर्थस्थलों, लोक परंपराओं और क्षेत्रीय पहचान को दर्शाने वाले कुल 27 स्मृति चिह्न भी शामिल किए गए हैं।

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अनुसार ये स्मृति चिह्न उत्तराखंड की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत हैं। प्रधानमंत्री को भेंट किए गए इन उपहारों में फ्रेमयुक्त कलाकृतियां, फोटो प्रिंट, मंदिर के मॉडल और ऐतिहासिक महत्व की वस्तुएं शामिल हैं। इस नीलामी से प्राप्त होने वाली समस्त धनराशि ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम को समर्पित की जाएगी।

उत्तराखंड के प्रमुख पूजा स्थलों को चार विशेष मंदिर मॉडलों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इनमें श्री केदारनाथ धाम के दो मॉडल, उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर का एक मॉडल और मुखबा स्थित मां गंगा मंदिर का नक्काशीदार लकड़ी का मॉडल शामिल हैं।

इसके अलावा, एक दुर्लभ फोटो प्रिंट में चारों धामों बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री को एक साथ दर्शाया गया है। संग्रह में हरिद्वार की मनसा देवी की फ्रेमयुक्त तस्वीर, आदि कैलाश का विहंगम दृश्य, महासू देवता मंदिर का चित्र तथा कार्तिक स्वामी मंदिर को दर्शाने वाला एलईडी-लाइट युक्त कांच का स्मृति चिह्न भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नारायण आश्रम और कुमाऊं हिमालय का एक प्रिंट यहां के दिव्य पर्वतीय परिवेश को सजीव करता है।

उत्तराखंड की लोक कला ‘ऐपन’ की छाप एक दीवार घड़ी और मां दुर्गा की सुंदर कलाकृति में देखने को मिलती है, जो स्थानीय कलात्मक परंपराओं में धार्मिक प्रतीकों के महत्व को उजागर करती है। वहीं, सात पारंपरिक उत्तराखंडी पहाड़ी टोपियां राज्य की जीवंत क्षेत्रीय वेशभूषा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतिनिधित्व करती हैं।

इस आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संग्रह में आधुनिक खेल उपलब्धियों का भी समावेश है। राज्य के अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन द्वारा हस्ताक्षरित एक बैडमिंटन रैकेट भी इस नीलामी का हिस्सा है, जो उत्तराखंड की युवा प्रतिभा और खेल गौरव को दर्शाता है।

मुखबा स्थित गंगा जी मंदिर का मॉडल इस नीलामी के मूल उद्देश्य से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह उत्तराखंड के आध्यात्मिक जीवन में गंगा के महत्व को रेखांकित करता है। इस ई-नीलामी से जुटाई गई राशि सीधे नमामि गंगे अभियान में जाएगी, जिससे गंगा नदी के संरक्षण और पुनरुद्धार कार्यों को गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी का यह आठवां संस्करण वर्तमान में जारी है और इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी गई है। देश-विदेश के इच्छुक नागरिक और बोलीदाता आधिकारिक ई-नीलामी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन बोली लगा सकते हैं।

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