रक्षा मंत्री ने एशियाई खेलों में 27 पदक जीतने वाले सेनाओं के एथलीटों को सम्मानित किया

  • पदक सूची में सशस्त्र बलों के एथलीटों का 32 प्रतिशत और गोल्ड मेडल में 28.57 फीसदी हिस्सा था

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (हि.स.)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को नई दिल्ली में सशस्त्र बलों के एथलीटों को हाल ही में जापान में हुए एशियाई खेलों में अब तक के सबसे अच्छे प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। जापान के आइची-नागोया में हुए खेलों में भारतीय सेनाओं के खिलाड़ियों ने 27 मेडल जीतकर भारत की 85 मेडल टैली में अहम योगदान दिया। सैनिकों के 6 गोल्ड, 11 सिल्वर, 10 कांस्य जीतने पर रक्षा मंत्री ने उनके अनुशासन और समर्पण को सराहा।

अंतरराष्ट्रीय खेलों में सेनाओं के अब तक के सबसे अच्छे प्रदर्शन का जश्न मनाने के लिए हुए इस कार्यक्रम में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी भी शामिल हुए। तीनों सेनाओं के कुल 92 एथलीटों ने 19 खेलों में हिस्सा लिया और भारत के चौथे स्थान पर रहने में अहम योगदान दिया। कुल मिलाकर भारतीय टीम ने 85 मेडल जीते, जिसमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 कांस्य हैं। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने खिलाड़ियों से बात करते हुए उनकी सफलता का श्रेय अनुशासन, कड़ी मेहनत, टीम स्पिरिट और खेल में बेहतरीन प्रदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि मेडल जीतने के सफर में बहुत ज्यादा समर्पण, सुबह-सुबह ट्रेनिंग, जिम सेशन, चोटें, रिकवरी और लगातार कोशिशें शामिल होती हैं।

राजनाथ सिंह ने खेलों में हिस्सा लेने वाले एथलीटों को संबोधित करते हुए कहा कि हर प्रतिभागी ने किसी न किसी तरह से देश और डिफेंस फोर्सेज को सम्मान दिलाने में योगदान दिया। एथलीटों की काबिलियत पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। रक्षा मंत्री ने योग्य एथलीटों की पहचान करने, उनकी काबिलियत को निखारने, साइंटिफिक ट्रेनिंग और वर्ल्ड-क्लास स्पोर्ट्स सुविधाएं देने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में मिशन ओलंपिक विंग की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कोच, सपोर्ट स्टाफ, फिजियोथेरेपिस्ट, न्यूट्रिशनिस्ट और एथलीटों के परिवारों के योगदान को भी माना और इस बात पर जोर दिया कि कोई चैंपियन कभी अकेला नहीं बनता।

भारत की पदक सूची में सशस्त्र बलों के एथलीटों का 32 प्रतिशत और गोल्ड मेडल में 28.57 फीसदी हिस्सा था। सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में नायब सूबेदार नीरू ढांडा हैं, जिन्होंने दो गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीता। वह गेम्स में व्यक्तिगत महिला ट्रैप इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली इंडियन महिला बनीं। नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने 02 सिल्वर और 01 ब्रॉन्ज मेडल जीते और एशियन गेम्स के एक ही एडिशन में तीन व्यक्तिगत मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष ट्रैक-एंड-फील्ड एथलीट बन गए। हवलदार सावन बरवाल ने मेन्स मैराथन में 2:11:37 की नेशनल रिकॉर्ड टाइमिंग के साथ सिल्वर मेडल जीता, जिससे एशियन गेम्स मैराथन मेडल के लिए इंडिया का 44 साल का इंतज़ार खत्म हुआ। नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे ने भी 56 साल के गैप के बाद पुरुष हाई जंप में भारत के लिए ऐतिहासिक मेडल जीता। ————

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