इस्लामाबाद (पाकिस्तान), 12 अक्टूबर (हि.स.)। देश के पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ शासित प्रांत खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में आपातकाल लगते ही प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार करने का अभियान तेज कर दिया गया है। गिरफ्तार किए गए राजनेताओं में बर्खास्त मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और उनकी मंत्रिपरिषद के अनेक सदस्य हैं।
पीटीआई के इस्लामाबाद लॉन्ग मार्च के बीच राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 11 अक्टूबर की शाम प्रांत में आपातकाल लगाने के साथ राज्यपाल शासन लागू करने की घोषणा की। द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार इसके तहत अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान की पीटीआई के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार को बर्खास्त कर दिया गया। यह कार्रवाई पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 232(1) (आपातकाल) और अनुच्छेद 234(1) (राज्यपाल शासन) के तहत की गई । संघीय सरकार ने इसके लिए बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते आतंकी हमलों और आतंकवाद के खिलाफ मुकाबले में प्रांतीय सरकार के कथित असहयोग और विफलता का हवाला दिया है। इसी के साथ मुख्यमंत्री, मंत्रियों और प्रांतीय विधानसभा के अधिकार अब संघीय सरकार या संसद के अधीन आ गए हैं और प्रांत का पूरा प्रशासनिक नियंत्रण राज्यपाल को सौंपा गया है।
संघीय गृह राज्यमंत्री तलाल चौधरी ने कहा है कि खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और उनकी कैबिनेट के कुछ सदस्यों को रविवार को पुलिस ने हिरासत में लिया। तलाल ने कहा कि जिन पर मुकदमे विचाराधीन हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाकी लोगों को रिहा कर दिया जाएगा। सोमवार की एक अधिसूचना के अनुसार खैबर पख्तूनख्वा में एडवोकेट जनरल कार्यालय से कम से कम 71 वकीलों को हटा दिया गया है। इनमें केपी के एडवोकेट जनरल शाह फैसल उस्मानखेल भी शामिल हैं।
संघीय सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा है कि खैबर पख्तूनख्वा में राज्यपाल शासन प्रांत के लोगों को आतंकवाद से लड़ने के लिए सशक्त बनाएगा। उन्होंने कहा, “हम खैबर पख्तूनख्वा में कल की गई कार्रवाई का स्वागत करते हैं।” इस बीच सूत्रों ने बताया है कि खैबर पख्तूनख्वा में आज प्रांतीय शीर्ष समिति की बैठक होनी है। बैठक की अध्यक्षता राज्यपाल फैसल करीम कुंडी करेंगे। इसमें प्रांत में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
पुलिस ने सोमवार को पुष्टि की कि पीटीआई के कम से कम आठ नेता पुलिस हिरासत में हैं। इनमें खैबर पख्तूनख्वा के बर्खास्त मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी भी शामिल हैं। विधानसभा स्पीकर बाबर सलीम स्वाती और पीटीआई के प्रांतीय अध्यक्ष जुनैद अकबर के अलावा अफरीदी कैबिनेट के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। केपी में तेजी से बदलते राजनीतिक हालात पर पंजाब प्रांत की सूचना मंत्री अजमा बुखारी ने वहां की सुरक्षा स्थिति को लेकर खैबर पख्तूनख्वा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में आपातकाल लगाना जरूरी था।
इस बीच खैबर पख्तूनख्वा के बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एंड सेकेंडरी एजुकेशन कोहाट ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। यह जानकारी बोर्ड के चेयरमैन इम्तियाज अयूब ने दी। खैबर पख्तूनख्वा के लोअर दीर में सभी शिक्षण संस्थानों को आज और कल बंद रखने की घोषणा की गई है। पेशावर में भी आज सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं। मलकंद में 30 दिनों के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। आज और कल शिक्षण संस्थान नहीं खुलेंगे।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में अब लोगों को विस्थापन का सामना नहीं करना पड़ेगा। पुलिस और सुरक्षा बल सभी की मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि अब से पहले केपी के कुछ जिले दिन में तो सरकार के नियंत्रण में रहते रहे हैं, लेकिन रात में आतंकवादियों के नियंत्रण में आ जाते हैं। यह बात खुद वहां रहने वाले लोग कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा। पहले प्रांतीय सरकार आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय रुख का समर्थन नहीं करती थी, इसलिए ऐसा था। अब आतंकवाद के फन को पूरी तरह कुचला जाएगा। उन्होंने हैरानी जताई कि केपी के 12 में से पांच में कोई पुलिस स्टेशन ही नहीं था।
