क्षेत्रीय भाषाओं में क्रिकेट की बढ़ी लोकप्रियता, जियोहॉटस्टार पर कन्नड़ फीड की पहुंच 30 प्रतिशत बढ़ी

मुंबई, 07 अक्टूबर (हि.स.)। भारत में क्रिकेट देखने के तौर-तरीकों में क्षेत्रीय भाषाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। जियोस्टार ने बुधवार को ‘बियॉन्ड बाउंड्रीज’ पहल शुरू करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य विज्ञापनदाताओं को क्षेत्रीय भाषा में क्रिकेट देखने वाले बढ़ते और सक्रिय दर्शकों से जोड़ना है। इस पहल में लाइव क्रिकेट फीड के साथ मैच से पहले और बाद के कार्यक्रमों के लिए साझेदारी के अवसर शामिल हैं।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के दौरान जियोहॉटस्टार पर कन्नड़ फीड की पहुंच में सालाना आधार पर 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि तेलुगु और तमिल फीड की पहुंच में क्रमश: 23 और 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। डिजिटल पर देखने के कुल समय में तेलुगु भाषा की हिस्सेदारी में तीनों बाजारों के बीच सबसे अधिक 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद कन्नड़ और तमिल का स्थान रहा।

यह वृद्धि दर्शाती है कि क्रिकेट की खपत अब हिंदी और अंग्रेजी तक सीमित नहीं है और दर्शक तेजी से ऐसे फीड से जुड़ रहे हैं, जहां लाइव खेल के साथ उनकी भाषा और सांस्कृतिक जुड़ाव भी मौजूद है।

प्रत्येक क्षेत्रीय फीड ने अपने-अपने बाजार की घरेलू फ्रेंचाइजी और प्रशंसकों को ध्यान में रखते हुए अलग कार्यक्रम पहचान भी विकसित की। टाटा आईपीएल 2026 में तेलुगु फीड पर ‘क्रिकेट विद चाय’ और ‘ऑरेंज ओ रंगु’, कन्नड़ फीड पर ‘केम्पु सैन्या’ और ‘इनसाइड आरसीबी’ जैसे विशेष कार्यक्रम शामिल रहे। तमिल फीड पर मैच वाले दिन ‘इनी सिंगापथई’ की थीम के साथ कार्यक्रम पेश किए गए। तीनों बाजारों में उभरती युवा प्रतिभाओं पर भी विशेष खंड प्रसारित किए गए।

क्षेत्रीय भाषाओं में कवरेज को 12 भाषाओं में 160 से अधिक कमेंटेटरों और विशेषज्ञों के पैनल ने मजबूती दी। इसमें पूर्व क्रिकेटरों और क्षेत्रीय विशेषज्ञों ने अपने-अपने बाजार में कमेंट्री की। तमिल फीड के पैनल में मुरली विजय और एल. बालाजी के साथ श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर रसेल अर्नोल्ड और आरजे बालाजी शामिल रहे। तेलुगु फीड में हनुमा विहारी और एमएसके प्रसाद, जबकि कन्नड़ फीड में विनय कुमार और वेदा कृष्णमूर्ति ने कमेंट्री की। जियोस्टार ने प्रत्येक क्षेत्रीय फीड को एक राष्ट्रीय कमेंट्री टीम के बजाय स्थानीय स्तर पर पहचाने जाने वाले चेहरों और आवाजों के साथ तैयार किया।

टाटा आईपीएल 2026 में डिजिटल माध्यमों पर भी मजबूत वृद्धि देखने को मिली। कनेक्टेड टीवी की पहुंच में 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई। डिजिटल वीडियो व्यूज 25 अरब तक पहुंचे, जो सालाना आधार पर आठ प्रतिशत अधिक है। वहीं, डिजिटल पर क्षेत्रीय भाषाओं में देखने के कुल समय की हिस्सेदारी में 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

जियोस्टार में खेल बिक्री प्रमुख अनूप गोविंदन ने कहा, “क्षेत्रीय भाषाओं में क्रिकेट की वृद्धि दर्शाती है कि भारत में क्रिकेट देखने का तरीका किस तरह बदल रहा है। दर्शक केवल बड़ी संख्या में नहीं देख रहे हैं बल्कि वे खेल का अनुभव उन भाषाओं और वातावरण में करना पसंद कर रहे हैं, जो उन्हें परिचित लगते हैं। ब्रांड के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उन्हें अलग-अलग बाजारों में क्रिकेट से गहरे स्तर पर जुड़ने का अवसर मिलता है। वास्तविक अवसर यह समझने में है कि प्रत्येक दर्शक और बाजार को क्या अलग बनाता है और उन्हीं बारीकियों के आधार पर रणनीति तैयार करना है, न कि क्षेत्रीय खपत को केवल पहुंच के पैमाने से देखना।”

जियोस्टार के अनुसार, अलग-अलग मंचों पर क्षेत्रीय भाषा के फीड को लगातार बड़ी संख्या में दर्शक मिल रहे हैं। इससे दर्शकों, विज्ञापनदाताओं और साझेदारों के लिए भारत के विभिन्न बाजारों में क्रिकेट से जुड़ने के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

जियोस्टार के लिए अलग-अलग भाषाओं में बढ़ती दर्शक संख्या खेल देखने के परिदृश्य में व्यापक बदलाव का संकेत है। क्षेत्रीय भाषा के फीड अब मुख्य प्रसारण के विस्तार भर नहीं रह गए हैं बल्कि क्रिकेट के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे हैं।

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