आयरलैंड फुटबॉल टीम ने फिर पहनी काली पट्टी, इजराइल से हाथ मिलाने से किया इनकार

बाक्का टोपोला, सर्बिया, 05 अक्टूबर (हि.स.)। आयरलैंड की पुरुष फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों ने इजराइल के खिलाफ नेशंस लीग मुकाबले से पहले एक बार फिर काली पट्टी बांधी और इजराइल के राष्ट्रगान के दौरान सिर झुकाकर गाजा में इजरायल की कार्रवाई के विरोध का संकेत दिया। इसके बाद दोनों टीमों के बीच खेला गया मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा।

इजराइल के खिलाड़ियों ने भी काली पट्टी पहनी। उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व में इजराइल में हुए हमलों में मारे गए लोगों की याद में ऐसा किया। इजराइल के कप्तान डोर पेरेट्ज की पट्टी पर “7.10” लिखा था।

आयरलैंड के नियमित कप्तान डारा ओ’शे अपनी पत्नी के साथ बच्चे के जन्म के समय मौजूद रहने के लिए टीम से अलग थे, इसलिए गोलकीपर कैओमिन केलेहर ने कप्तानी की। केलेहर ने मैच से पहले रेफरी और उनके एक सहायक से हाथ मिलाया, लेकिन इजराइल के कप्तान पेरेट्ज से हाथ मिलाने से जानबूझकर परहेज किया।

केलेहर ने पिछले सप्ताह हंगरी के डेब्रेसेन में खेले गए पहले मुकाबले में ओ’शे द्वारा अपनाए गए कदम को दोहराया। उस मैच में ओ’शे ने इजराइल के कप्तान मैनोर सोलोमन से हाथ नहीं मिलाया था। आयरलैंड ने वह मुकाबला 3-0 से जीता था और तीनों गोल पहले हाफ में किए थे।

रविवार के मुकाबले के लिए सोलोमन को शुरुआती एकादश से बाहर रखा गया और वह बेंच पर रहे।

इजराइल के फारवर्ड सईद अबू फरची भी टीम में लौटे, जो 25 सितंबर को ऑस्ट्रिया के खिलाफ 1-3 की हार के दौरान गोल का जश्न मनाने के बाद लाल कार्ड मिलने के कारण निलंबित थे। हालांकि, उन्हें इस मैच में खेलने का मौका नहीं मिला।

मैच का पहला गोल आयरलैंड ने किया। 39वें मिनट में पेरेट्ज द्वारा जिमी डन पर किए गए फाउल के बाद ट्रॉय पैरट ने पेनल्टी को गोल में बदलकर आयरलैंड को 1-0 की बढ़त दिलाई। पहले हाफ के बाद खिलाड़ी मैदान से बाहर जा रहे थे, तभी दोनों पक्षों के बीच साइडलाइन पर बहस भी हुई।

दूसरे हाफ की शुरुआत से पहले पेरेट्ज ने अपनी जर्सी के पिछले हिस्से को गर्दन के ऊपर उठाया, जिससे उस पर बना इजराइल का झंडा स्पष्ट दिखाई दे रहा था। खेल शुरू होने के दो मिनट बाद उन्होंने करीब से गोल कर इजराइल को 1-1 की बराबरी दिला दी।

दूसरे हाफ में इजराइल के स्थानापन्न खिलाड़ी ओमरी गैंडेलमैन और ऑस्कर ग्लूख ने गोल के दाहिने पोस्ट पर गेंद मारी। मुकाबले के दौरान कुछ कड़े टैकल के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ता दिखा, जिस पर रेफरी जुआन मार्टिनेज मुनुएरा को लगातार नजर रखनी पड़ी।

मुकाबला डबलिन से सर्बिया स्थानांतरित किया गया

यह मुकाबला मूल रूप से डबलिन में खेला जाना था, लेकिन व्यापक बहिष्कार की मांगों के बाद आयरिश फुटबॉल संघ ने जून में इसे “परिचालन कारणों” का हवाला देते हुए तटस्थ स्थान पर कराने का फैसला किया। संघ ने यह भी कहा था कि मुकाबला बिना दर्शकों के खेला जाएगा।

इससे पहले आयरिश फुटबॉल संघ ने पिछले नवंबर में एक प्रस्ताव पारित कर यूईएफए से इजरायल को क्लब और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित करने की मांग की थी।

आयरलैंड में फिलिस्तीन के प्रति मजबूत समर्थन के कारण खिलाड़ियों पर दोनों मैचों के बहिष्कार का दबाव था। पहले मुकाबले से पहले यह दबाव और भी अधिक था। आयरलैंड के कोच हेमिर हॉलग्रिमसन ने उस समय कहा था, “मैंने उस दबाव को दिन-ब-दिन बढ़ते महसूस किया और अब यह लगभग अपनी सीमा तक पहुंच रहा है।”

हालांकि, रिजर्व गोलकीपर गैविन बाजुनु को छोड़कर किसी खिलाड़ी ने दोनों मैचों से हटने का फैसला नहीं किया। बाजुनु ने बयान जारी कर कहा था कि निर्दोष लोगों की हत्या गलत है और यह उनका “व्यक्तिगत विश्वास” है।

Leave a Reply