बांग्लादेश में हिंदू परिवार के चार सदस्य संदिग्ध हालात में मृत पाए गए, परिवार ने जड़ा हत्या का आरोप

ढाका (बांग्लादेश), 23 अगस्त (हि.स. )। बांग्लादेश में एक हिंदू परिवार के चार सदस्य संदिग्ध हालात में मृत पाए गए हैं। पति, पत्नी, पुत्री और पुत्र के शव रंगपुर शहर के कमलकाशना मसुआ पारा मोहल्ले में एक घर से मिले हैं। पुलिस ने मामले की व्यापक जांच शुरू कर दी है।

ढाका ट्रिब्यून और द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतवाली प्रभारी नजमुल कादर ने इसकी पुष्टि की कि रंगपुर शहर के दासपारा (मछुआपारा) इलाके में शनिवार रात करीब 11:30 बजे बंद घर से रंगपुर जिला स्कूल के पूर्व शिक्षक गणपति चक्रवर्ती (65), उनकी पत्नी प्रीति लता चक्रवर्ती (50), उनकी बेटी आगामी चक्रवर्ती प्रार्थि (23) और उनके बेटे प्रियम चक्रवर्ती (12) के शव संदिग्ध हालात में मिले। पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार गणपति के घर का दरवाजा पिछले दो दिनों से बंद था। परिवार को बार-बार फोन करने पर भी कोई जवाब न मिलने से रिश्तेदारों को शक हुआ।

स्थानीय लोगों ने शनिवार रात करीब 10:45 बजे फायर सर्विस को सूचना दी। इसके बाद उन्होंने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। पुलिस के अनुसार, घर के अंदर दो शव मिले, जबकि दो अन्य शव छत के पास मिले। सूचना मिलने के बाद रंगपुर मेट्रोपॉलिटन डिटेक्टिव ब्रांच के उपायुक्त सनातन चक्रवर्ती, कोतवाली प्रभारी इस्लाम और अन्य पुलिस अधिकारियों ने आएबी की टीम के साथ घर की घेराबंदी की।

रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि परिवार के चारों सदस्यों की हत्या की गई है और मांग की कि दोषियों को गिरफ्तार कर सज़ा दिलाई जाए। उन्हें यह भी शक है यह काम लुटेरों का हो सकता है। घर का सामान बिखरा हुआ मिला है और अलमारी के अंदर गहनों के डिब्बे अस्त-व्यस्त हैं। गणपति की चचेरी बहन मालती चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि चारों की हत्या की गई है। उपायुक्त सनातन चक्रवर्ती ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गणपति पिछले साल 31 दिसंबर को रंगपुर जिला स्कूल से रिटायर हुए थे। उनकी बेटी आगामी ने इस साल अंग्रेजी में मास्टर डिग्री पूरी की थी।कि उनका बेटा प्रियम पांचवीं कक्षा का छात्र था। रिश्तेदारों ने बताया कि परिवार से संपर्क टूटने के बाद उन्हें चिंता होने लगी थी। प्रीति लता की छोटी बहन पूजा चक्रवर्ती ने बताया कि उन्होंने अपनी बहन से आखिरी बार गुरुवार दोपहर को बात की थी। सूत्रों के मुताबिक, परिवार के सदस्यों के सभी चार मोबाइल फोन गुरुवार रात से ही बंद थे।

पूजा ने कहा, “फोन बंद मिलने के बाद हम शनिवार रात दासपारा पहुंचे। घर का मुख्य गेट बंद था और अंदर की सभी लाइटें बंद थीं। बाद में पुलिस आई, ताला तोड़ा और घर में दाखिल हुई, जहां से उन्होंने शव बरामद किए।”

पूजा ने हैरानी जताते हुए कहा कि परिवार यह समझ नहीं पा रहा है कि इन चार लोगों को किसने निशाना बनाया होगा या इस अपराध के पीछे क्या मकसद हो सकता है। बहन के बहनोई बहुत अच्छे इंसान थे। उनका कोई दुश्मन नहीं था। उन्होंने दासपारा में एक नया घर बनाया था और वहीं रह रहे थे। गणपति की भतीजी सोमा चक्रवर्ती ने बताया कि उनकी चाचा से आखिरी बार गुरुवार दोपहर को बात हुई थी। स्कूल से रिटायर होने के बाद वह होम्योपैथिक डॉक्टर के तौर पर काम करने लगे थे।”

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