विधानसभा में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर सियासी घमासान, डॉ. सिकंदर कुमार ने कांग्रेस पर साधा निशाना

शिमला, 22 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर राज्यसभा सांसद प्रो. (डॉ.) सिकंदर कुमार ने कांग्रेस सरकार और उसके विधायकों के आचरण पर कड़ा रोष जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार तुष्टिकरण की राजनीति के चलते राष्ट्रीय मर्यादाओं और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है।

डॉ. सिकंदर कुमार ने शनिवार को एक बयान में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश के स्वतंत्रता आंदोलन का प्रेरणास्रोत रहा है और इसे लेकर संसद तथा देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों द्वारा निर्धारित राष्ट्रीय मर्यादाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से आपत्ति क्यों है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा एक गरिमामयी संवैधानिक संस्था है। ऐसे में विधानसभा में राष्ट्रगीत को लेकर विरोध का माहौल बनना लोकतांत्रिक और संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। डॉ. कुमार ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस पार्टी और उसकी कांग्रेस कार्यसमिति संविधान और संसद से ऊपर हैं?

राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा राष्ट्रगीत के केवल दो छंद गाने का फैसला और विधानसभा में इसे लेकर हुआ विरोध कांग्रेस के दोहरे राजनीतिक रवैये को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रभावना से जुड़े विषयों को राजनीतिक लाभ-हानि के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश वीरों, सैनिकों और बलिदानियों की भूमि है। प्रदेश के लोगों के लिए मातृभूमि का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषयों पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक विवाद प्रदेश की जनता के लिए चिंता का विषय है।

उन्होंने कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और संसदीय मर्यादाओं के मामले में सरकार को स्पष्ट और जिम्मेदार रुख अपनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि विधानसभा जैसी संवैधानिक संस्था में राष्ट्रीय सम्मान और गरिमा से जुड़े विषयों का पूरी गंभीरता के साथ पालन होना चाहिए।

Leave a Reply