सभी धार्मिक स्थलों पर महिलाओं से ‘शालीन पोशाक’ पहनने की अपील, मुस्लिम जमात प्रमुख ने कही यह बात

बरेली, 11 अगस्त (आईएएनएस): वृंदावन के इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू करने के फैसले का समर्थन करते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने महिलाओं से सभी धार्मिक स्थलों पर शालीन पोशाक पहनने की अपील की है।

मंगलवार को आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि सिर्फ इस्कॉन मंदिर ही नहीं, बल्कि भारत के सभी धार्मिक स्थलों—चाहे वे गुरुद्वारे, चर्च या दरगाह हों—में महिलाओं को पूरी लंबाई वाली शालीन पोशाक पहननी चाहिए। उन्होंने कहा कि यही भारत की संस्कृति और परंपरा है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर जाते समय हर व्यक्ति को उस स्थान की पवित्रता और गरिमा का सम्मान करना चाहिए। चाहे कोई मंदिर में दर्शन के लिए जाए या दरगाह में, हर जगह इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए।

हाल ही में वृंदावन के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए शालीन पोशाक अनिवार्य कर दी गई है। मंदिर में छोटे या अशालीन कपड़े पहनने पर रोक लगा दी गई है। नियमों को लागू करने के लिए मंदिर के प्रवेश द्वारों पर ड्रेस कोड और फोटोग्राफी सहित अन्य दिशा-निर्देशों से संबंधित नोटिस भी लगाए गए हैं।

इससे पहले रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष कल्कि राम ने भी मंदिरों में ड्रेस कोड लागू किए जाने की वकालत की थी। उन्होंने कहा था कि कई बार लोग ऐसे कपड़े पहनकर मंदिर पहुंचते हैं, जो शालीनता के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होते।

हालांकि, उन्होंने इसके साथ ही इस्कॉन मंदिर के प्रबंधन में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भगवद्गीता दिए जाने के साथ-साथ मंदिर की कुछ अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए।

संत सत्येंद्र दास वेदांती ने भी इस्कॉन मंदिर के फैसले का स्वागत किया और देश के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी इसी तरह के दिशा-निर्देश लागू करने का सुझाव दिया।

— आईएएनएस

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