नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस): 20 जुलाई को NEET आंदोलनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए सरकार तैयार है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर संसद में बयान देंगे।
20 जुलाई को NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा से जुड़ी अन्य कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने ‘संसद चलो’ कार्यक्रम के तहत दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष ‘पुलिस बर्बरता’ का आरोप लगाते हुए लगातार गृह मंत्री से जवाब की मांग कर रहा है।
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रिजिजू ने कहा, “बीएसी की बैठक में सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़ी गतिविधियों को लेकर—चाहे वह दिल्ली में हों या देश के किसी अन्य हिस्से में—सरकार पूरी और विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।”
उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों से चर्चा के लिए आगे आने की अपील की। रिजिजू ने कहा, “जब चर्चा शुरू हो तो विपक्ष को किसी तरह का व्यवधान पैदा किए बिना सरकार और गृह मंत्री की बात सुननी चाहिए।”
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि चर्चा शुरू होने और सरकार की ओर से जवाब दिए जाने के बाद विपक्ष हंगामा, नारेबाजी और सदन से बाहर जाने का रास्ता अपनाता है। उन्होंने कहा, “सरकार किसी भी तरह की चर्चा से पीछे नहीं हटती।”
रिजिजू ने आगे कहा, “पुलिस की कार्रवाई, छात्रों के आंदोलन या इससे जुड़े किसी भी अन्य मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार तैयार है। देश की जनता को हर बात की जानकारी होनी चाहिए। लेकिन विपक्ष को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह संसद की कार्यवाही में बाधा नहीं डालेगा और चर्चा से भागेगा नहीं।”
सोमवार से संसद के मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह की शुरुआत हो गई है। हालांकि, NEET प्रश्नपत्र लीक और 20 जुलाई को आंदोलनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष का विरोध लगातार जारी है।
इससे पहले कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर गृह मंत्री अमित शाह को लोकसभा में 20 जुलाई के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर बयान देने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।
लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में वेणुगोपाल ने राष्ट्रीय राजधानी में छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित ‘बर्बरता’ और अत्यधिक बल प्रयोग को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने पुलिस पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया था।
