नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस): भारत और दक्षिण अफ्रीका ने महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स), दवा उद्योग और विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। जयपुर में आयोजित ब्रिक्स 2026 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और दक्षिण अफ्रीका के व्यापार, उद्योग एवं प्रतिस्पर्धा मंत्री पार्क्स टाउ के बीच हुई बैठक में इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में भारत और सदर्न अफ्रीकन कस्टम्स यूनियन (एसएसीयू) के बीच प्रस्तावित प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (पीटीए) के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) पर हस्ताक्षर करने तथा वार्ता को जल्द पूरा करने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि दोनों देशों ने भारत-दक्षिण अफ्रीका व्यापार संबंधों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पीटीए वार्ता को शीघ्र निष्कर्ष तक पहुंचाने के उपायों पर चर्चा की। साथ ही, महत्वपूर्ण खनिज, दवा उद्योग और विनिर्माण क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाओं का भी पता लगाया गया।
भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता में जयपुर में आयोजित इस बैठक में सदस्य देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने, मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाएं विकसित करने तथा टिकाऊ औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी, उन्नत विनिर्माण और रणनीतिक उद्योगों के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिजों की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करने की भारत की रणनीति के मद्देनजर यह चर्चा विशेष महत्व रखती है।
इस बीच, इंडिया अफ्रीका एंटरप्रेन्योरशिप फोरम (आईएईएफ) के आंकड़ों के अनुसार, भारत और अफ्रीका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2001 में 7 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2023 में 98 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है। वहीं, अफ्रीका में भारत का कुल निवेश 75 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है, जिसका बड़ा हिस्सा दूरसंचार, दवा उद्योग, बुनियादी ढांचा और कृषि क्षेत्रों में केंद्रित है।
आईएईएफ के अनुसार, भारत और अफ्रीका की संयुक्त आर्थिक क्षमता लगभग 7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है। स्वास्थ्य सेवा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), फिनटेक, जलवायु प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में आने वाले वर्षों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।
