रांची, 3 अगस्त (आईएएनएस): झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का अनशन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।
पत्रकारों से बातचीत में देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “सरकार को झुकना ही होगा। यह केवल कुछ लोगों की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के छात्रों के अधिकारों की लड़ाई है। यह आंदोलन लाखों युवाओं की मेहनत और उनके सपनों का प्रतिनिधित्व करता है।”
आंदोलन में शामिल एक अभ्यर्थी ने बताया कि रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनकी शिक्षा कार्यकर्ता अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका से बातचीत हुई। उन्होंने कहा, “हमने उन्हें झारखंड की स्थिति से अवगत कराया। यहां भी प्रश्नपत्र लीक होने और जेपीएससी तथा जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।”
एक अन्य छात्र ने कहा कि इस आंदोलन में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों को छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए। उनका कहना था, “छात्र-युवाओं के हित में सभी राजनीतिक दलों का समर्थन जरूरी है। हमें उम्मीद है कि हमारी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।”
इस बीच, 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में सोमवार को झारखंड सीआईडी ने राज्यभर में व्यापक छापेमारी की। रांची, धनबाद, बोकारो, देवघर, गोड्डा, रामगढ़, हजारीबाग और पलामू सहित कई जिलों में 20 से अधिक स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। कई कोचिंग संस्थानों और जांच के दायरे में आए लोगों से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई।
छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इन सभी को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
इससे पहले जेपीएससी और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के कार्यालयों में भी तलाशी ली जा चुकी है। अब तक आयोग और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के तहत पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांगते को भी दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
गौरतलब है कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इसके बाद परीक्षा रद्द करने और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन शुरू हुआ। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले में आंदोलन का नेतृत्व करने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने भी अब जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड के आंदोलनरत छात्रों को अपना समर्थन दिया है।
