नईदिल्ली, 13 मार्च : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे की समयबद्धता में सुधार का जिक्र करते हुए बताया कि कुल 77% रेलगाड़ियां निर्धारित समय पर चल रही हैं। इसके साथ ही रेलवे के 24 डिवीजनों ने 90% से अधिक समयबद्धता का उत्कृष्ट प्रदर्शन दर्ज किया है, जो परिचालन दक्षता में सुधार को दर्शाता है।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान उत्तर देते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि समयबद्धता का मापन निर्धारित समय सीमा के भीतर पहुंचने वाली रेल गडियों के प्रतिशत से किया जाता है और उन्होंने बताया कि रेलवे ने अपने विशाल नेटवर्क के प्रदर्शन में सुधार के लिए कई रणनीतियां अपनाई हैं।उन्होंने कहा कि रेल गाड़ी समय सारिणी में संरचनात्मक समस्याओं की पहचान और समाधान के लिए आईटी-आधारित प्रणालियों और एआई-आधारित विश्लेषण सहित उन्नत तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया गया है।
डिवीजन-वार प्रदर्शन विवरण देते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि 43 डिवीजनों ने 80% से अधिक समयबद्धता हासिल की है, जबकि एक डिवीजन ने 95% का आंकड़ा पार कर लिया है। उन्होंने उन्होंने बताया है कि उच्च स्तर की समयबद्धता दर्शाने वाले डिवीजनों में मदुरै, जोधपुर, हुगली, भावनगर, कोटा, इज्जतनगर, रतलाम और अजमेर है।
श्री वैष्णव ने कहा कि यद्यपि वर्तमान में रेलवे की समयबद्धता के आंकड़े फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे देशों जैसे हैं, लेकिन भारत को जापान को अपना मानक मानना चाहिए, जो रेलवे की समयबद्धता के मामले में विश्व स्तर पर असाधारण रूप से उच्च मानकों के लिए जाना जाता है। श्री वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे ने पहले ही जापान की सर्वोत्तम पद्धतियों को अपनाना शुरू कर दिया है, जिसमें रेलगाड़ियों और बुनियादी ढांचे के सुचारू और अधिक कुशल रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए 26 सप्ताह की अग्रिम रखरखाव योजना शामिल है।
