लोकसभा में आज अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा फिर से शुरू होगी। कल सदन में कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने यह प्रस्ताव पेश किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री बिरला ने विपक्ष के नेता और अन्य विपक्षी नेताओं को सदन में अपने विचार रखने से रोका और विपक्षी महिला सांसदों पर निराधार आरोप लगाए। श्री जावेद ने यह भी आरोप लगाया कि अध्यक्ष सदन में निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहे।
प्रस्ताव का विरोध करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन का संचालन निष्पक्ष तरीके से किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल केवल अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए अध्यक्ष के खिलाफ यह प्रस्ताव लाए हैं। शिवसेना के डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे और चिराग पासवान ने प्रस्ताव का विरोध किया और सदन को बाधित करने के लिए विपक्ष की आलोचना की।
इससे पहले, कांग्रेस के गौरव गोगोई ने चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर भाषण देते समय सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अध्यक्ष ने बार-बार बाधित किया।
कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और डीएमके के सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में बात की। चर्चा निष्फल रही।
राज्यसभा ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर आगे चर्चा करेगी।
