CPI(M) पोलित ब्यूरो अहम गठबंधन बनाएगा, विजयन समेत टॉप नेताओं के भविष्य की योजना बनाएगा।

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 27 अप्रैल ): CPI(M) की अहम पोलित ब्यूरो मीटिंग नई दिल्ली में शुरू हो गई है। इस बारे में दो संभावित उम्मीदवार पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर थॉमस इसाक, मौजूदा MLA के. शैलजा, 80 साल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पोलित ब्यूरो मेंबर ए. विजयराघवन हैं। अनुभवी शब्द का मतलब है सर्वशक्तिमान, जिसका मतलब है कि भविष्य का नेता आ सकता है।

चुनाव में रिप्रेजेंटेशन मुख्य एजेंडा है। MPs और सीनियर नेताओं को बैठकर चर्चा करनी होगी और किन सीटों से उम्मीदवार होंगे, इस पर डिटेल में चर्चा हो सकती है। मुख्य विजेता की उम्मीदवारी पर फैसला पोलित ब्यूरो लिस्ट की घोषणा के बाद ही होगा। पुराने और लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे का हल भी अटकलों का विषय है।

कन्नूर में लिस्ट जारी होने से नाराजगी के संकेत मिल रहे हैं। पता चला है कि शैलजा को मतानुर सीट से दोबारा टिकट नहीं मिल सकता है। वह इससे खुश नहीं हैं और हो सकता है कि साउथ सीट या लोकल वोट न जीत पाएं।

सांसद थॉमस इसाक ने भी दोबारा लड़ने की इच्छा जताई है। उन्होंने 2021 के चुनावों में हिस्सा लिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि वह 2024 के बाद लोकसभा चुनावों में अपनी स्थिति देखने के लिए आखिरी मौका चाहते हैं।

थालीपरम्बा सीट पर भी मतभेद है। राज्य सरकार ने पत्रकार से नेता बने एम.वी. गोविंदन, एम.वी. नी कुमार को नेता बनाया है। हालांकि जिला महानगर में और नामों पर चर्चा हो रही है। वह 2016 के सबसे अच्छे चुनाव में उम्मीदवार थे।

दिसंबर लोकल संगठन की नाकामी के बाद आंद्रे दबाव बना रहे हैं। उस लिहाज से यह पोलित ब्यूरो बहुत अहम है। अपनी काबिलियत के आधार पर लड़ाई में उतरने से पहले, पार्टी इस पार्टी का सदस्य बन सकती है, जिसमें उपयोगिता और वफादारी के बीच संतुलन हो।

आखिरकार, राज्य, खासकर पिनाराई विजयन और एम.वी. गोविंदन जैसे लोगों पर राष्ट्रीय कानून हावी होंगे, यह देखना बाकी है।

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