केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सेवा तीर्थ को संवेदनशील, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन का वैश्विक उदाहरण बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सेवा तीर्थ में हुई मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिए गए सेवा संकल्प प्रस्ताव में संकल्प लिया गया है कि 2047 तक भारत को समृद्ध, सक्षम और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में यह परिसर राष्ट्रीय आकांक्षाओं का सशक्त केंद्र बनेगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह संकल्प दोहराया कि सेवा तीर्थ में लिया गया प्रत्येक निर्णय एक सौ चालीस करोड नागरिकों के प्रति सेवा भाव से प्रेरित होगा और राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा होगा। मंत्रिमंडल ने यह संकल्प भी दोहराया कि इस परिसर में लिया गया प्रत्येक निर्णय ‘नागरिक देवो भव’ की भावना से प्रेरित होगा।
मंत्रिमंडल ने दृढ़ संकल्प लिया कि सेवा तीर्थ की नई ऊर्जा और सुधार एक्सप्रेस की तीव्र गति के साथ, सरकार निकट भविष्य में भारत को विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में स्थान दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करेगी।
सूचना और प्रसारण मंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने केरल राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद, राष्ट्रपति केरल -नाम परिवर्तन विधेयक, 2026 को केरल की विधानसभा को विचार-विमर्श के लिए भेजेंगे।
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विधानसभा के विचार प्राप्त होने के बाद, केंद्र सरकार आगे की कार्रवाई करेगी और संसद में केरल राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के लिए केरल -नाम परिवर्तन विधेयक, 2026 को प्रस्तुत करने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश प्राप्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को राज्य का नाम बदलकर केरलम करने का प्रस्ताव पारित किया था।
आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के आठ जिलों को कवर करने वाली तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 9 करोड 72 लाख रुपये है और ये 2030-31 तक पूरी हो जाएंगी।
श्री वैष्णव ने बताया कि इन परियोजनाओं में गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन का दोहरीकरण, बिहार में पुनारख और किउल के बीच तीसरी तथा चौथी लाइन का निर्माण और झारखंड में गम्हरिया तथा चंदिल के बीच तीसरी तथा चौथी लाइन का निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 307 किलोमीटर की वृद्धि होगी।
सूचना और प्रसारण मंत्री ने बताया कि आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव के विकास को भी मंजूरी दे दी है। इसकी अनुमानित लागत 1 हजरी 677 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि यह कश्मीर घाटी में विमानन अवसंरचना और कनेक्टिविटी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
श्री वैष्णव ने बताया कि परियोजना के दायरे में सुरक्षा कर्मियों के लिए बैरक का निर्माण भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना 73 एकड़ में फैली हुई है।
मंत्रिमंडल ने गुजरात मेट्रो रेल निगम लिमिटेड के मौजूदा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर को गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक विस्तारित करने की स्वीकृति दी है। श्री वैष्णव ने बताया कि यह कॉरिडोर 3 दशमलव 33 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें तीन एलिवेटेड स्टेशन शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि परियोजना लगभग चार वर्षों में पूरी होने की आशा है। परियोजना की अनुमानित लागत एक हजार 67 करोड़ रुपये से अधिक है।
सूचना और प्रसारण मंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि 2026-27 के सीजन के लिए कच्चे जूट -टीडी-3 ग्रेड का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5 हजार 925 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
