भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था डिजिटल बुनियादी ढांचे और कुशल लोगों से संचालित हो रही है: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव

नईदिल्ली, 16 फ़रवरी : केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत की तेजी से बढ़ती रचनात्मक अर्थव्यवस्था देश के मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे और कुशल लोगों से संचालित हो रही है। आज नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के उपग्रह कार्यक्रम के सत्र के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री वैष्‍णव ने विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई के परिवर्तनकारी प्रभाव के बारे में जानकारी दी।

    केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री वैष्णव ने कहा कि देश में लगभग 90 प्रतिशत हिस्से में 5-जी का कवरेज है, जिससे नागरिक डिजिटल रूप से कुशल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए कार्यबल को तैयार करने के लिए कौशल विकास और नई प्रतिभाओं के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यापक प्रभावों के बारे में उन्होंने कहा कि कृषि, मौसम पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन, नई सामग्रियों की खोज और उत्पादकता जैसे क्षेत्रों में एआई अपार अवसर प्रदान कर रहा है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि इस तकनीक में संभावित जोखिम भी हैं और एआई के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव भी होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने एआई से अधिक से अधिक लाभ प्राप्‍त करने और कम से कम नुकसान होने का लक्ष्‍य तय किया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री वैष्णव ने कहा कि भारत एआई इम्‍पैक्‍ट समिट का उद्देश्य मानव समाज पर एआई के वास्तविक प्रभाव को समझना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस कार्यक्रम के दौरान होने वाली चर्चा से सार्थक परिणाम निकलेंगे। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री वैष्‍णव ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन के माध्यम से भारत एक संतुलित और जिम्मेदार एआई भविष्य को आकार देने में अग्रणी भूमिका निभाना चाहता है।

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