नई दिल्ली, 16 जनवरी : सर्वोच्च न्यायालय ने आज इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा को राहत देने से इनकार कर दिया। यशवंत वर्मा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित की गई समिति को चुनौती दी थी। इस समिति को पिछले साल मार्च में उनके आवास पर जले हुए नोट मिलने के आरोपों की जांच के लिए गठित किया गया था।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एस सी शर्मा की पीठ ने कहा कि समिति का गठन कर लोकसभा अध्यक्ष ने कोई गैर-कानूनी काम नहीं किया है और न्यायमूर्ति वर्मा किसी भी राहत के हकदार नहीं हैं।
14 मार्च को नई दिल्ली स्थित उनके आधिकारिक आवास पर जले हुए नोटों के बंडल मिलने के बाद न्यायमूर्ति वर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।
