नई दिल्ली, 6 जनवरी: सक्रिय सुशासन और योजनाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए प्रधानमंत्री के प्रमुख तंत्र प्रगति ने अपनी 50वीं बैठक के साथ महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री ने 2015 में इस तंत्र का शुभारंभ किया था। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री की सीधी समीक्षा के कारण बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी और मुद्दों का समाधान संभव हुआ है। प्रगति ने केंद्र, राज्य और केंद्रीय मंत्रालयों को एकल डिजिटल मंच पर लाकर सहकारी संघवाद का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रगति से निर्णय लेने की प्रक्रिया, परियोजनाअें में देरी के कारणों का समाधान और जवाबदेही तय होने में मदद मिली है। यह केवल निगरानी नहीं बल्कि प्रशासनिक सुधारों का भी माध्यम साबित हुआ है। इस विशेष श्रृंखला में आज ब्रहमपुत्र नदी पर निर्मित बोगीबील रेल सह सडक पुल पर नजर डालते हैं।
2026-01-06
