नई दिल्ली, 4 जनवरी: ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मनरेगा भ्रष्टाचार का एक पर्याय बन चुका था, जहां श्रमिकों को प्राय: दरकिनार करके उनका शोषण किया जाता था। आज नई दिल्ली में संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण-जी राम जी क़ानून को लेकर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी मनरेगा की नहीं, बल्कि इसमें हो रहे भ्रष्टाचार की रक्षा करना चाह रही है।
श्री चौहान ने कहा कि विशाल बजट के बावजूद, मनरेगा ने किसी स्थायी संपत्ति सृजन या गांवों के दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी क़ानून श्रमिकों के हित में है क्योंकि इसमें बढ़े हुए भुगतान, बेरोजगारी भत्ते, विलम्बित भुगतान पर ब्याज और 100 की तुलना में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। श्री चौहान ने कहा कि इनसे श्रमिकों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और वे गांवों में सार्थक योगदान भी दे सकेंगे।
श्री चौहान ने कहा कि विकसित भारत के लिए विकसित गांव ज़रूरी हैं और सतत परिणाम के लिए ग्रामीण रोजगार के बजट में काफी वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि आगामी वित्त वर्ष में डेढ़ लाख करोड़ रूपये से अधिक के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है। इसमें से 95 हजार करोड़ रूपये से अधिक की राशि केन्द्र सरकार देगी।
