शास्त्रीय संगीत देवत्‍व और सांस्‍कृतिक जड़ों से जुड़ने का एक सशक्‍त माध्‍यम: राज्‍यपाल गुलाबचंद कटारिया

नई दिल्ली, 28 दिसंबर: पंजाब के राज्‍यपाल गुलाबचंद कटारिया ने शास्त्रीय संगीत को देवत्‍व और सांस्‍कृतिक जड़ों से जुड़ने का एक सशक्‍त माध्‍यम बताया है। कल जालंधर में कल 150वें हरिवल्‍लभ संगीत सम्‍मेलन के दूसरे दिन उन्होंने कहा कि वे सम्‍मेलन का हिस्‍सा बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

श्री कटारिया ने कहा कि राष्‍ट्रगीत वन्‍दे मातरम् का 150वां वर्ष और सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती होने के कारण यह वर्ष विशेष महत्‍व का है। राज्‍यपाल ने कहा कि सामूहिक चेतना को जगाने और स्‍वाधीनता संघर्ष को सशक्‍त बनाने में इस गीत की भूमिका महत्‍वपूर्ण रही है।

इस अवसर पर पूर्व केन्‍द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि श्री बाबा हरिवल्‍लभ संगीत सम्‍मेलन की संगीतमय विरासत को संरक्षित करना और इसे ऊपर उठाना पंजाब की संगीतमय विरासत और इसके घरानों की रक्षा के लिए आवश्‍यक है।

श्री ठाकुर ने भविष्‍य के हरिवल्‍लभ संगीत सम्‍मेलनों की मेजबानी करने के लिए एक प्रेक्षागृह के निर्माण पर बल दिया।

तीन दिन के वार्षिक शास्‍त्रीय संगीत सम्‍मेलन का आज अंतिम दिन है।