नई दिल्ली, 12 दिसंबर: पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता शिवराज पाटिल नहीं रहे। उन्होंने शुक्रवार को महाराष्ट्र के लातूर में अपने घर देवघर में 90 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। थोड़ी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। उनके परिवार में बेटे शैलेश पाटिल, बहू अर्चना और दो पोतियां हैं।
उन्होंने 2004 से 2008 तक देश के गृह मंत्री के तौर पर काम किया। उनके कार्यकाल के दौरान ही 26/11 के दुखद मुंबई आतंकी हमले हुए, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। गृह मंत्री के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों के अलावा, वह 1991 से 1996 तक 10वीं लोकसभा के स्पीकर भी रहे। बाद में, उन्होंने 2010 से 2015 तक पंजाब के गवर्नर और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर काम किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिवराज पाटिल के निधन पर दुख जताया है। X पर छपी एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “श्री शिवराज पाटिल जी के निधन से मुझे बहुत दुख हुआ है। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने MLA, MP, केंद्रीय मंत्री, महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर और लोकसभा के स्पीकर के तौर पर पूरी लगन से काम किया।”
उन्होंने यह भी लिखा, “वह समाज कल्याण में योगदान देने के लिए बहुत उत्सुक रहते थे। मैं उनसे कई बार मिला हूं, वह कुछ महीने पहले मेरे घर आए थे। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।”
कांग्रेस नेताओं ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। X पर शोक संदेश में कहा गया, “वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और पूर्व लोकसभा स्पीकर शिवराज पाटिल जी का निधन बहुत दुखद है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं। उन्होंने रक्षा मंत्रालय समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां पूरी लगन से निभाईं। उनका निधन कांग्रेस परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।”
