कर्नाटक में सार्वजनिक ठेकों में एक विशेष अल्पसंख्यक समूह को आरक्षण देने के मुद्दे और राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार द्वारा इस कोटे के लिए संविधान में बदलाव संबंधी कथित टिप्पणी को लेकर आज संसद के दोनों सदनों में भाजपा सांसदों ने हंगामा किया।
इस मुद्दे पर राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक और लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सुबह जब राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इस मुद्दे पर विरोध करना शुरू कर दिया।
श्री शिवकुमार की संवैधानिक बदलाव संबंधी उनकी कथित टिप्पणी का उल्लेख करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एक विशेष अल्पसंख्यक समूह को आरक्षण देकर बाबासाहेब आम्बेडकर के संविधान की प्रतिष्ठा को कम किया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
सदन के नेता जेपी नड्डा ने इस प्रस्ताव के जरिए संविधान को कमजोर बनाने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि डॉ.भीमराव आम्बेडकर देश में धर्म आधारित आरक्षण के विरूद्ध थे।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि डॉ.भीमराव आम्बेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान को कोई बदल नहीं सकता है और कोई भी आरक्षण को समाप्त नहीं कर सकता है। हंगामा जारी रहने के कारण सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
लोकसभा में जब सुबह सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसी मुद्दे पर शोर-शराबा शुरू किया। उत्तरप्रदेश में महिलाओं के विरूद्ध अपराध की घटनाओं का विरोध करते हुए समाजवादी पार्टी के सांसदों ने तख्ती लेकर सदन में प्रवेश किया। अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में तख्ती दिखाने पर आपत्ति जताई।
उन्होंने इसे लोकसभा के नियम और मर्यादा के विरुद्ध बताया। श्री बिरला ने इस कार्यवाही के लिए उन्हें आगाह भी किया। लेकिन समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने अपना विरोध जारी रखा। भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी कर्नाटक में विशेष अल्पसंख्यक समूह को आरक्षण देने के मुद्दे पर विरोध कर रहे थे।
अध्यक्ष ने सदस्यों से सदन में प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। इस कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।