केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत में लगभग दस हजार जैव प्रौद्योगिकी स्टार्टअप हैं, जो करीब 165 अरब डॉलर की जैव अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं।
जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद-बीआईआरएसी के 13वें स्थापना दिवस पर डॉ. सिंह ने कहा कि भारत को अंतरिक्ष और जैव प्रौद्योगिकी में उल्लेखनीय प्रगति के लिए विश्व स्तर पर मान्यता मिल रही है।
मंत्री ने भारत जैव अर्थव्यवस्था रिपोर्ट 2025 और बायो-सारथी पत्रिका का विमोचन भी किया, जो जैव प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के लिए वैश्विक मार्गदर्शन की पहल है। भारत जैव अर्थव्यवस्था रिपोर्ट जैव प्रौद्योगिकी विभाग-डीबीटी और बीआईआरएसी द्वारा एक वार्षिक प्रकाशन है जो भारत की जैव अर्थव्यवस्था के विकास और प्रदर्शन को ट्रैक करता है, इसके आकार, संरचना और प्रमुख रुझानों का मानचित्रण करता है और नीति तथा निवेश निर्णयों के लिए अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। इस अवसर पर, मंत्री ने बीआईआरएसी को इसकी 13वीं वर्षगांठ पर बधाई भी दी।