अगरतला, 3 मार्च: कोकबोरोक भाषा आंदोलन के साथी धनंजय त्रिपुरा का 51वां शहादत दिवस मनाया गया। वाम मोर्चा के संयोजक नारायण कर और अन्य लोगों ने आज अगरतला में सीपीएम राज्य कार्यालय में उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा, सीपीएम के राज्य सचिव और विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी ने धनंजय त्रिपुरा के शहादत दिवस पर धनंजय पार्क में दिवंगत नेता के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
आज पत्रकारों से बात करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि 3 मार्च 1975 को धनंजय त्रिपुरा को कोकबोरोक भाषा को राज्य भाषा का दर्जा देने सहित चार मांगों को लेकर जुलूस निकालने पर पुलिस ने जोलाईबाड़ी में गोली मार दी थी। वाम मोर्चा सरकार 1978 में सत्ता में आई और 19 जनवरी 1979 को कोकबोरोक भाषा को राज्य भाषा का दर्जा दिया। तब से गण मुक्ति परिषद और सीपीएम इस दिन शहीद धनंजय त्रिपुरा का शहादत दिवस मनाते आ रहे हैं। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उन्होंने शहीद धनंजय पार्क में उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस दिन वाम मोर्चा के संयोजक नारायण कर ने कहा कि 50 साल पहले, धनंजय त्रिपुरा को कांग्रेस के शासनकाल में कोकबोरोक भाषा को राज्य भाषा का दर्जा देने सहित चार सूत्री मांग करने पर पुलिस ने गोली मार दी थी। इसके अलावा, उस आंदोलन में जातीय समूह भी घायल हुए। वर्तमान में भाजपा और टिपरा मठ जातियों और जनजातियों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वे थनसा के नाम पर अछूतों के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर, उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें आदिवासियों को प्रभावित कर रही हैं।
