प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने स्‍थायी विकास और ऊर्जा परिवर्तन पर जी-20 शिखर सम्‍मेलन के तीसरे सत्र को संबोधित किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कल ब्राजील के रियो-डी-जेनेरियो में स्‍थायी विकास और ऊर्जा परिवर्तन पर जी-20 शिखर सम्‍मेलन के तीसरे सत्र को संबोधित किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सबके लिए अधिक स्‍वच्‍छ और सतत भविष्‍य सुनिश्चित करने के प्रयासों में तेजी लाने पर बल दिया। श्री मोदी ने अंतरराष्‍ट्रीय सौर गठबंधन, एक विश्‍व-एक सूर्य-एक ग्रिड और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन जैसे पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली के सिद्धांतों और उपायों के महत्‍व को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नई दिल्‍ली जी-20 शिखर सम्‍मेलन के दौरान समूह ने वर्ष 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा तीन गुनी करने और ऊर्जा सक्षमता दर दो गुनी करने का संकल्‍प लिया था। उन्‍होंने सतत विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के ब्राजील के फैसले का स्‍वागत किया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने सतत विकास में तेजी लाने के भारत के प्रयासों का उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि भारत पेरिस संधि की प्रतिबद्धताएं पूरी करने वाला समूह का पहला देश है। श्री मोदी ने कहा कि भारत ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्‍पादन का लक्ष्‍य रखा है, जिसमें 200 गीगावाट का उत्‍पादन हो चुका है। उन्‍होंने अविकसित और विकासशील देशों, विशेष रूप से छोटे द्वीप देशों की स्‍थायी विकास जरूरतों को प्रमुखता देने का आह्वान किया। उन्‍होंने सदस्‍य देशों से ग्‍लोबल साउथ शिखर सम्‍मेलन में भारत द्वारा घोषित वैश्विक विकास समझौते को समर्थन देने का आग्रह किया।

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