पुणे, 11 नवंबर (हि.स.)। प्रतीक दहिया प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के मौजूदा सीजन के दौरान अदाणी स्पोर्ट्सलाइन के स्वामित्व वाली गुजरात जाएंट्स के लिए असाधारण प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उन्होंने अकेले दम पर बेंगलुरु बुल्स के खिलाफ खेल को उलट दिया था।
प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) सीजन 9 में पहली बार खेल रहे प्रतीक दहिया इस सीजन के सबसे विश्वसनीय खिलाड़ियों में से एक के रूप में उभरे हैं। इस युवा खिलाड़ी की निगाहें पीकेएल खिताब पर टिकी हुई हैं। हालांकि पीकेएल खिताबी मैच के आने में अभी अच्छा खासा समय बाकी है लेकिन प्रतीक के प्रदर्शन में स्थिरता ने उन्हें दिग्गज कोच राम मेहर सिंह की प्रशंसा का पात्र बना दिया है।
बुल्स पर मिली शानदार जीत के बाद राम मेहर सिंह ने कहा, “युवा खिलाड़ी इस स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बहुत दृढ़ हैं। प्रतीक दहिया और एचएस राकेश जैसे कई खिलाड़ी हैं, जो न्यू यंग प्लेयर्स (एनवाईपी) कार्यक्रम से यहां तक आए हैं। किसी भी टीम के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है, अगर एनवाईपी कार्यक्रम का खिलाड़ी हर मैच में प्लेइंग 7 का हिस्सा है।”
प्रतीक खेल के लिए नया नहीं है। कबड्डी से सबसे दिग्गज भारतीय खिलाड़ियों में से एक दीपक निवास हुड्डा उनके चाचा हैं और उन्होंने ही प्रतीक को पीकेएल में लाने का काम किया है।
प्रतीक ने कहा, “मेरी प्रेरणा मेरे चाचा दीपक निवास हुड्डा हैं। मैंने उनसे कबड्डी सीखी है। मेरे पिता और चाचा ने मेरी सभी चिंताओं और जरूरतों का ध्यान रखा और हमेशा मेरा साथ दिया। उन्होंने हमेशा मुझे सभी समस्याओं से दूर रखा। मेरे परिवार को उम्मीद थी कि मैं उनसे बेहतर करूंगा। इसलिए, इस मायने में घर से अच्छा करने का दबाव था। ”
प्रतीक ने आगे कहा, “मेरे चाचा ने मुझे व्यक्तिगत रूप से प्रशिक्षित करने में मदद की। वह सुनिश्चित करके चलना चाहते थे कि मैं उच्च स्तर की फिटनेस बनाए रखूं और अपने मूवमेंट्स पर काम करूं, जबकि मेरे कोच मेरे खेल को बेहतर बनाने में मदद करते थे।”
कई वर्षों से कबड्डी के माहौल में रहे इस डायनामिक ऑलराउंडर ने स्वीकार किया कि खेल में अच्छा प्रदर्शन करना शुरू से ही उनका एकमात्र लक्ष्य था। ऐसे में जब अभ्यास एजेंडे में होता था तब शिक्षा और स्कूल अक्सर बैकसीट पर चले जाते थे।
प्रतीक ने कहा, “हिंदी के अलावा, मैं स्कूल में जिन चीजों का इंतजार करता रहता था, उनमें से एक कबड्डी रही है। जब भी मुझे प्रेरणा की जरूरत होती है, मैं अभ्यास करता हूं और अपने खेल पर काम करने की कोशिश करता हूं क्योंकि मेरे चाचा हमेशा मुझसे कहा करते थे कि अधिक से अधिक प्रयास करने से मुझे एक बेहतरीन एथलीट बनने में मदद मिलेगी।”
टीम के साथी और डिफेंडर रिंकू नरवाल के करीबी दोस्त प्रतीक का अब तक का सफर आसान नहीं रहा है। अब चूंकि वह सफलता का स्वाद चखने लगे हैं, लिहाजा वह भारत के लिए खेलते हुए देखने के अपने पिता के सपने को साकार करने के लिए आशान्वित हैं।
प्रतीक ने कहा, “मेरे पिता मुझे भारत के लिए खेलते देखना चाहते थे और मुझे उम्मीद है कि पीकेएल में गुजरात जाएंट्स के साथ मेरे प्रदर्शन से मुझे भारतीय टीम और फिर एशियाई खेलों के लिए टीम में जगह बनाने में मदद मिलेगी। मैं अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए पीकेएल जैसे बड़े मंच और खेल में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने के अवसर का लाभ उठाना चाहता हूं।”
बुल्स पर शानदार जीत के बाद हाल ही में पुणे शहर में छुट्टी का एक दिन बिताने वाली गुजरात जाएंट्स टीम का अगला मैच शनिवार, 12 नवंबर को बंगाल वॉरियर्स के खिलाफ होना है।
