अफवा 41,541 ऊन की बुनी टोपियों को प्रदर्शित कर बनाई गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में जगह

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (हि.स.)। वायु सेना संगिनी कल्याण संस्था (अफवा) ने निटथान के तहत 41,541 ऊन की टोपियां बुनकर उन्हें डिसप्ले करने के लिए गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में जगह बना ली है। शनिवार को अफवा की अध्यक्ष नीता चौधरी ने गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड के तरफ से प्रमाण पत्र ग्रहण किया। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी भी मौजूद थीं। यह निटथान 15 जुलाई से 15 अक्टूबर तक किया गया था जिसके तहत देश भर से अफवा की 3000 संगिनियों ने भाग लिया।

इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने वायु सेना संगिनी कल्याण संस्था(अफवा) की महिलाओं को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि संगिनियों ने 40 हजार से अधिक टोपियां बना कर न केवल अपने हुनर को जाहिर किया है बल्कि राष्ट्रप्रेम को भी जाहिर किया है। यह सभी टोपियां जरुरतमंदों को वितरित की जाएंगी।

गुजरात के ग्रामीणांचल की 300 महिलाओं के योगदान को याद करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि साल 1971 में युद्ध के दौरान दिन रात एक कर महिलाओं ने ध्वस्त एयर स्ट्रिप को ठीक करने का कठिन काम किया। महिलाओं ने हर मोर्चे पर अपना राष्ट्रप्रेम प्रदर्शित किया है। 40 हजार टोपियों को जरुरमंदों में वितरित करने की व्यवस्था करने के लिए उन्होंने अफवा की महिलाओं को बधाई दी। इस मौके पर उन्होंने खुद एक टोपी बुनकर एयरफोर्स को भेंट करनी की पेशकश की।

इस मौके पर अफवा की अध्यक्ष नीता चौधरी ने कहा कि निटथान अभियान की शुरुआत जरुरतमंद लोगों को ऊन की टोपियां देने एवं बुनाई की कला को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से की गई थी। सिर्फ पांच महिलाओं के साथ शुरू हुई इस मुहिम में 3000 सदस्य जुड़ीं और एक रिकॉर्ड स्थापित कर दिया। उन्होंने बताया कि कुछ महिलाओं ने तो 200 से ऊपर टोपियां बनाई है। महिलाओं की रुचि को देखते हुए अब वयन की स्थापना की जा रही है जिसमें हाथ से बुने हुई स्वेटर, मौजे और टोपियां रखी जाएंगी।

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